संस्कृति और इतिहास के रंगों से सजे पांच दिनी मांडू फेस्टिवल का समापन 
1 जनवरी 2020  को पर्यटन और नर्मदा घाटी विकास मंत्री,  सुरेन्द्र सिंह बघेल ने पांच दिनी मांडू फेस्टिवल 2019 समापन किया। 28 दिसंबर 2019 से 01 जनवरी, 2020 तक चले मांडू फेस्टिवल की थीम 'खोजने में खो जाओ' थी। संस्कृति और इतिहास का यह उत्सव स्थानीय लोगों और आगंतुकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा, जहाँ उन्हें किलों के इस शहर के खुशनुमा माहौल में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नज़दीक से जानने का मौका मिला।

पर्यटन और नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने घोषणा की कि अगले साल मांडू फेस्टिवल 25 दिसंबर, 2020 से 3 जनवरी, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इस सुरम्य शहर को विश्व प्रसिद्ध बनाने के लिए उन्होंने यह भी घोषणा की कि पहली जनवरी को मांडू दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

समापन समारोह में शामिल होने धरमपुरी के विधायक पंछीलाल मेदा, नगर पालिका, मांडव की अध्यक्ष श्रीमती मालती जयराम गवार, जिला परिषद समिति के अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी, एमपी टूरिज्म के प्रबंध निदेशक  फैज अहमद किदवई, कलेक्टर  श्रीकांत बनोठ के साथ  पुलिस अधीक्षक आदित्य


प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

पर्यटकों ने लिया मांडू दर्शन का आनंद 

ई-फैक्टर एंटरटेनमेंट (पी) लिमिटेड द्वारा इस फेस्टिवल के दौरान मांडू की वास्तविक खूबसूरती को प्रस्तुत करने के साथ ही सुबह-सुबह कारवां सराय में योग गतिविधियां, हॉट-एयर बैलून, मांडू टूर के लिए बसों का संचालन, साइकलिंग और इंस्टाग्राम टूर जैसी कई गतिविधियां करवाई गई। इसके साथ ही  सूर्यास्त के दौरान रेवाकुण्ड पर 'नर्मदा आरती' और लेजर शो का आयोजन भी किया जाता। प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत ऐतिहासिक वास्तुकला के बीच हर शाम को संगीत समारोह का आयोजन भी यहाँ किया जा रहा था।

लाइव म्यूजिक कंसर्ट और हेंडीक्राफ्ट बाजार 

म्यूजिक डिस्ट्रिक्ट (कंसर्ट स्टेज) पर दर्शकों को विभिन्न शैलियों के लोकप्रिय संगीत को लाइव सुनने का मौका मिला, इसमें इंडी रॉक से लेकर आदिवासी संगीत और पंजाबी हिट तक बहुत कुछ शामिल था। कला और इतिहास के संगम का जश्न मनाते हुए इंडियन ओसियन, प्रेम जोशुआ, नवराज हंस, अंतरिक्ष और कबीर कैफे जैसे लोकप्रिय कलाकारों ने यहाँ अपने आत्मीय संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकल और ग्लोबल परफॉरमेंस का परफेक्ट फ्यूजन बनाते हुए, आनंदीलाल भावेल जैसे कलाकारों ने दर्शकों के पसंदीदा संगीत के साथ मनोरंजन किया। संदीप शर्मा द्वारा प्रस्तुत कवि सम्मेलन ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और सराहना प्राप्त की। 

इस पांच दिनी उत्सव के दौरान आर्ट डिस्ट्रिक्ट में बड़ी संख्या में हाथ से बनी खूबसूरत वस्तुएं और तस्वीरें बेचीं गई।

मांडू की संस्कृति और इतिहासिक धरोहरों का झरोखा

मेज़बान कलाकारों, स्थानीय जनजातियों और कारीगरों ने इस फेस्टिवल के दौरान मांडू की संस्कृति और इतिहास को प्रस्तुत किया। पुरे फेस्टिवल के दौरान लाखों लोग मांडू पहुचें। खूबसूरत हरे घास के मैदानों,  झीलों और तारे से सजे आसमान के नीचे लोगों ने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जाना। इस फेस्टिवल के जरिए क्षेत्र की कला, शिल्प, भोजन और मांडू के आदिवासी समुदायों को पुनर्जीवित करने का भी प्रयास किया गया है।

 केवल पांच दिनों में इंटरनेट सनसनी के रूप में मांडू फेस्टिवल 2019 ने 3 मिलियन सोशल मीडिया फॉलोवर्स तक पहुंच बनाई है। हम वादा करते हैं कि राज्य के अर्थशास्त्र और सामाजिक सुधार के लिए पर्यटन के एक बड़े योगदान को प्राप्त करने के उद्देश्य से मांडू फेस्टिवल सभी के लिए हमेशा यादगार और समृद्ध अनुभव रहेगा।