👹 तिरिभिन्नाट एक्सप्रेस👹 ठंड के देवता मान नी रिये हैं,गुलुबंद-टोपे में लोग पिचान नी रिये हैं

भिया राम🙏🏻


भोत भेंकर बज री है भिया..मूंडे में धुंआ.. ने नाक में से पानी..अबी अपन सबकी..एक इज कहानी..
ऐसे ई तो बारा बजी पड़ी है ने अपने सेर (शहर) में ठंड का हिसाब अलग ई है..
..ठंड तेज हुई नी के प्यारे कलेक्टर अंकल छुट्टी बोल देंते हैं😊
चिल्लर पाल्टी के मजे..स्कूल जाना होय तो ठंड,पर छुट्टी होय तो दिन भर पतंग..दादी होंन लगी रे.."टोपा-सूटर पेनो रे"
पन भिया अपने को तो काम पे जाना..सूटर,गुलुबंद,हाथ के मोजे फंसा के जाना ई पड़े भले ई बाल क्रूरसिंह जैसे हो जाये👹
..अपने को रस्ते भर "भिया राम" की आदत है..पन अपन टेडीबियर जैसे पेकम पैक..सामने वाला पिचान ई नी रिया..ने रस्ते में मोबाइल बज जाए तो बस..साला टच काम इज नी करे..
..ऑफिस में गुड़ी-मुड़ी होके टाइम काटो..ने दिन भर चाय चटकाओ.. घर आओ ने मन होय के कोई गरमा-गरम रेलमे (चीले) उतार दे🤤🤤 पर पता चला पेले ई "मेथी* की सब्जी बन गयी..
सीधे घुसो रजई में..जैसे-तैसे गरम करो रजई,ने आपको भाभी के दे के चोराये से सामान ले दो..तो माँ कसम ऐसी खुन्नस आये के मिसाइल से उड़ा दूँ..ने ठंड में बाथरूम अलग बार-बार आये..
..इधर-उधर से कागज पन्नी बीनके ठंड तापके बड़े हुए हम..पर अब कां किसी को इत्ता टाइम..सब अपना कम्बल ओढ़के मोबाइल में घुसे हैं..
ओर इधर अलर्ट हो गिया के भारी बारिश होएगी..😟
..भगवान भिया..क्या बच्चे की जान लोगे..मत करो यार।
तुमकु कोई मना नी कर रिया है..बजाओ..ठंड बजाओ..पर हमारा बेंड तो मत बजाओ इत्ती जोरके..
..उनका बी सोचों जो बिना छत के सोते हैं..किसान फिर चिंता में है के मावठा नी गिर जाए..बूढ़े-बच्चे बी नी झेल पाएंगे पिलीज🙏🏻 थोड़ा रहम कर दो।
फिर आगे आपकी मर्जी..ज्यादा बजई तो हमारा क्या..भीड़ आपके यां ई बढ़ेगी..
..जा रिया अब..
..बजाते रो..पन थोड़ा कम..
*विकास शर्मा*
*दैनिक अमर-श्याम उज्जैन*
www.tiribhinnatexpress.com
9827076006


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