नादानी बन सकती है जी का जंजाल बस स्टैंड पर पुलिसकर्मी मीणा का जुदा अंदाज

आगर मालवा-ऐ भाई... जरा देख के चलो...देशभर में कोरोना ने कहर मचाया हुवा है...क्या तुम्हें अपने घर...परिवार...व देश की चिंता नही है...चलो मास्क पहनो...मास्क नही है तो रुमाल...साफी या गमछे को भी उपयोग में लाया जा सकता है...सतर्कता ही इस बीमारी का बचाव है...।
ऊपर लिखी हुई पंक्तियां किसी टीवी सिरियल या कोरोना से बचाव के लिए बनाये गए विज्ञापन का दृश्य नही बल्कि बस स्टैंड आगर के पाइंट पर खड़े पुलिसकर्मी देवेंद्र सिंह मीणा के समझाने का अलग ही अंदाज है। वे यहा से निकलने वाले हर उस शख्स को रोकते है जो बिना मास्क पहने पैदल या वाहनों से सफर कर रहे होते है।खास बात यह है कि वे बेहद जुदा अंदाज में समझाते है कि मास्क न पहन कर वे अपने व अपने परिवार को तो खतरे में डाल ही सकते है।साथ ही उनकी सी नादानी से नगर व देश मे संकट में आ सकता है।कोरोना महामारी के मर्ज को रोकने के लिए सतर्कता व सावधानी ही सबसे बेहतर दवा है।मीणा समझाने के साथ लोगो को मास्क भी दिलवा देते है।ताकि वे अगली बार मास्क  पहनकर ही घर से निकले।मीणा जहाँ भी अपनी सेवाएं देते है वे आकर्षण का केंद्र बन ही जाते है।उन्होंने  चर्चा करते हुवे बताया कि वे बेहतर कार्य के लिए कई मर्तबा 15 अगस्त व 26 जनवरी को सम्मानित हो चुके है।