विशेष लेख: कोरोना युद्ध में हर मोर्चे पर डटी है मध्यप्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जब प्रदेश के मुखिया का गंभीर.गुरुतर दायित्व ग्रहण किया तब उनके सामने स्वागत.सत्कार फूल मालाओंए बधाइयों और ऐसे वक्त पर होने वाले आभार और हर्ष व्यक्त करने के आयोजन नहीं थे। उनके सामने था. समूचे विश्व के साथ ही मध्यप्रदेश में भी कोरोना वायरस के सुरसा की तरह भयावह संक्रमण के विरुद्ध महासमर का मैदान। इस युद्ध में पहले ही मिनट से मुख्यमंत्री अर्जुनश् की भूमिका में सामने आये। शपथ ग्रहण स्थल.राजभवन से सीधे राज्य मंत्रालय पहुँचकर उन्होंने शीर्ष अधिकारियों की बैठक में कोरोना के संक्रमण के खिलाफ महायुद्ध के संकल्प का ऐलान किया।
          इस महासमर में संघर्ष के लिए कई मोर्चे सामने थे जिनके विरुद्ध जीत हासिल करने के लिए उन्हें एक व्यूह रचना तैयार करनी थी। प्रशासन के विभिन्न स्तरों तक उन्होंने अपने सख्त आदेश और निर्देश देकर समूचे अमले को अगली सुबह का इंतजार करने की बजाय उसी क्षण से सक्रिय कर दिया था।


विश्वास की वापसी

          जब कोई विश्वव्यापी अनहोनी घटित होती है तो जन.मन कई तरह की आशंकाओं.कुशंकाओं से ग्रसित हो उठता है। ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो जाता है कि कोईश् उन्हें यह भरोसा दिलाए कि वे निराश न होंए वह उनके साथ हैं। उन्होंने आम जनता से सीधे संवाद कर उन्हें विश्वास दिलाया  कि कोरोना संकट भले ही कितना बड़ा होए हमारा हौसला उससे बड़ा है। हम.सब मिलकर इस युद्ध को जीतेंगे ही।
          मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समस्त सुरक्षा एहतियातों के साथए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए 28 मार्च को बिट्टन मार्केटए शाहपुराए सर्वधर्म नगरए मंदाकिनी तिराहाए नयापुराए बैरागढ़ चीचलीए कोलार रोड अकेले पहुँच कर लोगों को आश्वस्त किया। पुनः 30 मार्च को भेल और पुराने भोपालए एमण्पी नगरए बुधवाराए इमामी गेट पहुँचकर लोगों की तकलीफों की मालूमात की और उन्हें रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति के प्रति भरोसा दिलाया।               
          मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुलिस कर्मियों.अधिकारियों से टेलीफोन करके उनका हौसला बढ़ाया। किसी अनहोनी की दशा में 50 लाख रुपये के सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के फैसले से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने टॉप पैरेंट एपश् पर छात्र.छात्राओं से भी बातचीत की। श्री चौहान ने राजस्व विभाग के अधिकारियों.कर्मचारियों को संदेश दिया कि वे एक सच्चे योद्धा की तरह इस युद्ध में भागीदार हैं।


परीक्षण और इलाज के माकूल इंतजाम

          संभावित कोरोना प्रभावित व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण और वास्तविक पीड़ितों का समुचित इलाज सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रदेश में आईण्आईण्टीण्टीण् रणनीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री के सघन प्रयासों से प्रदेश में मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लेब्स की संख्या 4 से बढ़कर 11 हो गई है। टेस्टिंग क्षमता भी 200 से बढ़कर 2000 हो गई है। मई के अंत तक यह क्षमता बढ़कर 6050 टेस्ट प्रतिदिन हो जाऐगी। टेस्टिंग के नतीजे कम समय में प्राप्त करने के लिए सैम्पल्स निरंतर स्टेट प्लेन से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में 4ण्98 प्रतिशत की कमी आई है। तेजी से निर्णय लेकर उन पर तत्काल अमल से 20  अप्रैल की स्थिति में प्रदेश में 1 लाख 21 हजार पीण्पीण्ईण्किट्सए 1 लाख 86 हजार एन 95 मास्कए 2 हजार 776 ऑक्सीजन सिलेंडरए 40 हजार 927 टेस्टिंग किटए 20 हजार 243 आईसोलेशन बेडस्ए 783 आईसीयू बेडस्ए 690 वेंटिलेटर और 33 लाख 70 हजार हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन टैबलेट उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन 7 से 8 हजार पीण्पीण्ईण् किट्स बनाए जा रहे हैं।
          प्रदेश के 22 जिलों में जिला खनिज निधि में प्रति वर्ष एकत्रित होने वाले 500 करोड़ रुपये में से 30 प्रतिशत राशि इन्हीं जिलों में कोरोना नियंत्रण की दवाएँए बेड्सए वेंटीलेटर्सए मास्कए सैनेटाइजर आदि आवश्यक कार्यों में दी जायेगी। ग्राम पंचायतों को प्राप्त 14वें वित्त आयोग की राशि का ढाई प्रतिशत सैनेटाइजर एवं मास्क की खरीदी पर खर्च किया जायेगा।
          राज्य शासन द्वारा लागू की गई कोरोना योद्धा कल्याण योजना.2020 के तहत कोरोना अभियान में कार्यरत अधिकारी अथवा कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता दी जायेगी। कोरोना पॉजीटिव मरीज के साथ काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की विशेष प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। किसी भी विभाग का कर्मी कोरोना नियंत्रण संबंधी कार्य करते हुए कोविड पॉजीटिव हो जाता है तो उसे 10 हजार रुपये की एक मुश्त सहायता दी जायेगी।


सबके लिए भोजन

          राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को एक माह का राशन निःशुल्क दिया जा रहा है। प्रदेश के चार बड़े संभागीय मुख्यालयों के लिए 10 हजार क्विंटलए शेष 6 संभागीय मुख्यालयों के लिए 7 हजार 500 क्विंटल और शेष सभी जिलों के लिए खाद्यान्न उठान की अधिकतम सीमा 2000 क्विंटल निर्धारित की गई है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एक करोड़ 16 लाख परिवारों को माह मई 2020 तक का 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न एडवांस में प्रदाय किया गया है।
          मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश के करीब 31 लाख 82 हजार परिवारों को भी एक माह का राशन निःशुल्क दिया जायेगा। जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रता पर्चियाँ नहीं हैंए उन्हें चार किलो गेहूँ और एक किलो चावल प्रति व्यक्ति के मान से दिया जायेगा। इस व्यवस्था के लिए राज्य स्तर से 12 हजार 726 मीट्रिक टन गेहूँ और 3ए181 मीट्रिक टन चावल का कोटा जारी किया जा चुका है।
          प्रदेश के राशन कार्ड धारियों को दो माह प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन निःशुल्क दिया जा रहा है। इसमें दालए गेहूँ और चावल दिया जायेगा। जरूरी सेवाओं की आपूर्ति की मानीटरिंग के लिए दीनदयाल समितियाँ गठित किये जाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम पंचायतों में पंच परमेश्वर योजना की प्रशासकीय मद में उपलब्ध राशि से प्रवासी श्रमिक एवं अन्य निराश्रितों और असहायों के भोजन एवं आवास की व्यवस्था के लिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है।


दिहाड़ी मजदूरों की भी फिक्र

          मुख्यमंत्री श्री चौहान को दिहाड़ी पर लगे मजदूरों की भी चिंता है। अन्य राज्यों में फँसे मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों के बैंक खाते में उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए प्रति मजदूर 1000 रुपये डाले जा रहे हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के कारण अन्य 22 राज्यों के मध्यप्रदेश में फँसे 7000 प्रवासी श्रमिकों को भी एक.एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
          संनिर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खाते में प्रारंभ में एक हजार रुपये की सहायता राशि और बाद में एक हजार रुपये की राशि अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।


हितग्राहियों को अग्रिम मदद

         प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशनए विधवा पेंशनए वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन योजना के हितग्राहियों को दो माह की सहायता राशि का अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 46 लाख हितग्राहियों के खाते में पेंशन की राशि करीब 562 करोड़ रुपये अग्रिम जमा करा दिये गये हैं।
किसानों के हित में
   खेती और किसान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर हैं। किसानों को इस वर्ष भी शून्य ब्याज दर पर ऋण दिए जाने का निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। वर्ष 2018.19 में जो फसल ऋण दिया गया था उसके भुगतान की तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है। शीघ्र ही प्रदेश के 15 लाख किसानों को 2900 करोड़ रुपये की बीमा राशि प्राप्त हो जायेगी। राज्य सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा का लाभ देने मार्च में ही बीमा कम्पनियों को 2200 करोड़ रुपये जारी कर दिये गये हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के भुगतान की तिथि भी बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है।
प्रदेश में 15 अप्रैल से शुरू किए गए गेहूँ उपार्जन के लिए 4 हजार 400 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। गेहूँ उपार्जन के साथ.साथ ही सरसोंए चना तथा मसूर भी खरीदा जा रहा है। किसानों को ऑनलाइन फसल बेचने के लिए सुविधा ई.नाम के पोर्टल का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
 साभार