सुसनेर-नलखेड़ा के पंचदेहरिया सहित अन्य शिवालयों के गर्भगृह में भक्त मण्डलों का प्रवेश निषेध:केवल पूजारी ही कर सकेंगे प्रवेश

शब्द संचार न्यूज आगर-मालवा-अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुसनेर-नलखेड़ा महेन्द्र सिंह कवचे ने कोविड-19 महामारी से होने वाले संक्रमण तथा भारत सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के दृष्टिगत रखते हुए श्रावण मास के दौरान पंच देहरिया मंदिर एवं सुसनेर-नलखेड़ा अनुभाग के मंदिरों में धार्मिक कार्य हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। 


 जारी आदेशानुसार मंदिरों के गर्भगृह में भक्त मण्डलों का प्रवेश निशेध रहेगा। मुख्य पूजारी को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। गर्भगृह में पूजारी के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा। प्रातः स्नान व आरती मुख्य पूजारी के द्वारा ही की जाएगी। मंदिर में नियमित दर्शनार्थियों के लिए रैलिंग के माध्यम से दर्शन किए जाने की व्यवस्था रहेगी। जिसमें पूर्व से बनाए गए गोले (डिस्टेंस बॉक्स) में दर्शनार्थी कतार बनाकर खड़ें रहेंगे। जिन्हें मंदिर की उत्तरी ओर से 2-2 की कतार में दर्शन हेतु छोड़ा जाएगा। उत्तरी प्रवेश स्थान पर शासकीय कर्मचारी व दो-दो पुलिस बल महिला व पुरूष निरन्तर ड्यूटी पर रहेंगे। जो इस बात का ध्यान रखेंगे की प्रवेश करने वाले व्यक्ति द्वारा चेहरे पर मास्क लगाया है अथवा नहीं। दर्शन के दौरान कोई भी दर्शनार्थी किसी भी स्थान को स्पर्श नहीं करेगा, दर्शन कर हाथ-जोड़ते हुए बाहर वाले रास्ते से बाहर जाएगा।


 मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के फूल, हार, प्रसाद का उपयोग एवं मंदिर में घंटी बजाना प्रतिबंधित रहेगा। सभी घंटियों को कपडे़ से बंद रखा जाएगा। किसी भी पूजारी द्वारा हाथों के उंगलियों द्वारा माथे पर टीका अथवा चन्दन नही लगाया जाएगा। मंदिरों में किसी भी प्रकार का जल अथवा पंचामृत चढ़ाया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर परिसर में किसी भी पूजारी को नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर उसके विरूद्ध कोविड-19 के संबंध में लागू नियमों के विरूद्ध संख्त कार्यवाही की जाएगी। 


 


श्रावन मास में सोमवार को दर्शन की व्यवस्था 


 मंदिर में प्रातः स्नान एवं आरती हेतु मुख्य पूजारी को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति रहेगी। शेष किसी भी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में महादेव के श्रृंगार हेतु नियत कर्मचारी द्वारा श्रृंगार का कार्य संपादित किया जाएगा। जिसमेंं उपयोग की जाने वाली समस्त सामग्री श्रृंगार के पूर्व सेनेटाईज की जाएगी। कर्मचारी द्वारा हाथों में दस्ताने पहनकर ही श्रृंगार का कार्य संपादित किया जाएगा। श्रृंगार के तत्काल बाद कर्मचारी गर्भगृह से बाहर हो जाएंगे। दोपहर के समय मुख्य पूजारी स्नान व आरती हेतु गर्भगृह में प्रवेश करेंगे, पश्चात् गर्भगृह पूनः प्रवेश हेतु प्रतिबंधित रहेगा। दोपहर के श्रृंगार में इसी प्रकार की कार्यवाही की जाएगी। शेष समय गर्भगृह में प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। सोमवार को पूजारियों द्वारा किए जाने वाले समस्त प्रकार के अभिषेक मंदिर परिसर में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे। कोई भी पूजारी अभिषेक का कार्य मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर नहीं करेंगे। 


श्रावन मास में निकाली जाने वाली सवारियों पर प्रतिबंध


 शासन आदेशानुसार श्रावन मास के दौरान पंचदेहरिया महादेव एवं अन्य धार्मिक स्थलों की निकाली जाने वाली सवारी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। कावड़ लेकर आने वाले कावड़ यात्रियों का प्रवेश एवं ग्रामीण महिलाओं को कलश यात्रा के रूप में जल चढ़ाये जाना प्रतिबंधित होगा। 


 


नियमित दर्शानार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं


  मंदिर में प्रवेश हेतु एक ही मुख्य द्वार रहेगा। मंदिर के शेष समस्त द्वार बंद रहेंगे। प्रवेश द्वारा पर हैण्ड हायजीन के लिए सैनेटाईजर डिस्पेन्सर एवं थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य से उपलब्ध रहेगा, जिसका उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। सर्दी, खासीं, बुखार आदि के लक्षण रहित व्यक्ति को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति का मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जूते,चप्पल स्वयं के वाहन में खोल कर आने की समझाईश दी जाएगी। आवश्यक होने पर जूते, चप्पल प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार के लिए निर्देशित पृथक स्थान पर स्वयं के द्वारा रखे जाएंगे। परिसर के अन्दर अथवा बाहर संचालित दुकान, स्टॉल, कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेसिंग का पालन 24×7 सुनिश्चित करना होगा। मंदिर परिसर में 5अलग-अलग स्थान पर सैनटाईजर मशीन सेन्सर वाली स्थापित की जाएगी। जिसमें दर्शनार्थियों को हाथों को सेनेटाईज कर के ही प्रवेश किया जाना होगा। पेयजल की व्यवस्था पूर्ण रूप से सुरक्षित रहेगी। जहां नगर पालिका निगम द्वारा सुरक्षित रूप से पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। सीएमओ नियमित रूप से मंदिर परिसर में दो बार कर्मचारियों से सफाई कार्य करवाएंगे। मंदिर परिसर में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव संबंधी प्रसार सामग्री का प्रदर्शन प्रमुखता से होगा, ऑडियों एवं वीडियों क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियां का प्रसारण बार-बार किया जाएगा।