नाम वापसी के दिन भी नहीं माने नाराज नेता: नगर सरकार के सभी वार्डो में बागी बिगाड़ेंगे खेल :कई नेताओं की प्रतिष्ठा लगी दांव पर, १०१ प्रत्याशियों के बीच होगा हार-जीत का संघर्ष

 आगर मालवा। नगर सरकार के चुनाव में प्रत्याशियों की तस्वीर बुधवार शाम को नाम वापसी के बाद पूरी तरह साफ हो गई है। दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में वर्चस्व को लेकर रस्साकशी दिखाई देगी। लगभग सभी वार्डों में निर्दलीय भी मैदान में डंटे हुए है। भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के बागियों ने अधिकृत प्रत्याशियों की नींद उडा रखी है। ऊँट किस करवट बैठेगा यह कहना फिलहाल आसान नहीं है। जैसे- जैसे वक्त बीतेगा और मतदान की तारीखें नजदीक आयेगी। घमासान उतना ही चरम पर पहुंच जायेगा। 

बुधवार को नाम वापसी के बाद जो तस्वीर सामने आयी है वह यह बताती है कि भाजपा में भी अब कांग्रेस की तरह अंर्तकलह होने लगी है वहीं कांग्रेस अब भी खेमों में बंटी नजर आती है। आगर नगर पालिका के २३ वार्डो में कुल १६३ लोगों ने नामांकन दाखिल किये थे। समीक्षा उपरांत यह संख्या १६१ रह गई। २२ जून नाम वापसी की अंतिम दिनांक को नाम वापसी के बाद १०१ प्रत्याशी मैदान में बचे है। अब चुनावी रंग पूरे उफान पर है। सभी वार्डों में शतरंज की तरह शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। गौरतलब रहे कि अब की बार अध्यक्ष का चुनाव सीधे न होते हुए पार्षदों द्वारा किया जायेगा। इसलिए कई बडे दिग्गज चुनावी रंग का हिस्सा बन गये है। 

इन वार्डों में होगा हाई वाल्टेज मुकाबला

वार्ड नं.१०- इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस में आमने-सामने की लडाई होगी। आम आदमी पार्टी प्रत्याशी भी मैदान में है। ऐसे में आम आदमी पार्टी को मिलने वाले मत भाजपा और कांग्रेस के समीकरण को बिगाड सकते है। यहां कांग्रेस से ब्लाक अध्यक्ष निलेश जैन पटेल तो भाजपा से सुधीर जैन भाई चुनावी दंगल में अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे है। 

वार्ड नं. २०- यह वार्ड भी हाई वाल्टेज मुकाबले के लिए चर्चित है। इस बार कांग्रेस ने यहां से चार बार के पार्षद (दो स्वयं और दो बार पत्नी) देवेन्द्र वर्मा को टिकिट दिया है। जबकि भाजपा ने किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश परमार पर दांव लगाया है। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि विक्रम बोडाना निर्दलीय चुनाव लड रहे है। अंतिम दिनांक तक फार्म वापस न लेने की वजह से मुकाबला त्रिकोणीय होता हुआ नजर आ रहा है। 
वार्ड नं. १५- कांग्रेस ने वार्ड नं. १५ से संतोष गुंर्जर को प्रत्याशी बनाया है जबकि भाजपा ने जिला महामंत्री कैलाश कुंभकार को मैदान में उतारा है। भाजपा के ही पूर्व पार्षद मनीष सोलंकी भी मैदान में डटे हुए है। मनीष के अलावा रमेशचंद्र सोनी और मंगलेश परमार भी मैदान में है।
वार्ड नं. १७- वार्ड नं. १७ कांग्रेस ने किरण बाई पवन को टिकिट दिया है जबकि भाजपा से भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी नीलिमा मयंक राजपूत मैदान में है। यहां भाजपा समर्थित पूर्व पार्षद की सास शांतिबाई, भरत यादव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। शमीम बी भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाग्य आजमा रही है।
वार्ड नं. २२- नगर के ब्राह्मण बाहुल्य वार्ड विवेकानंद नगर पर भी सबकी नजर टिकी रहेगी। इस वार्ड में भाजपा-कांग्रे्रस सहित सात प्रत्याशी मैदान में है। कांग्रेस ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए पूर्व पार्षद जितेन्द्र भंडारी पर दांव खेला है। जबकि भाजपा ने नगर मंडल अध्यक्ष अजय जैन को टिकिट दिया है। भाजपा के पूर्व पार्षद आशीष शर्मा निर्दलीय मैदान में है। कांग्रेस से निलेश जैन ने निर्दलीय मोर्चा संभाल रखा है। भाजपा समर्थित पूर्व पार्षद परिवार से ही राजवीर सिंह राजपूत, संजय शर्मा और विक्रमसिंह सिसौदिया भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में शामिल है। 

इनकी प्रतिष्ठा दांव पर 

वार्ड नंबर ३ से विधायक विपिन वानखेडे की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। यहां उनके खास माने जाने वाले पवन कारपेंटर चुनावी मैदान में है। वार्ड नं. ४ से पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष सुनीता जगदीश गवली की साख भी दांव पर है। श्रीमती गवली दो बार व जगदीश गवली भी दो बार पार्षद रह चुके है। वार्ड नं. ८ में भाजपा नेता अनिल मंडावरा की पत्नी चुनाव मैदान में है। वार्ड नं. ९ में दिग्गज कांग्रेस नेता शमीमउल्ला कुरैशी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वार्ड नं. १० में ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष निलेश पटेल व भाजपा के सुधीर भाई जैन की साख दांव पर है। वार्ड नं. १३ में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बसंत भाटिया की साख की दांव पर लगी हुई है। वार्ड नं. १५ में भाजपा के जिला महामंत्री कैलाश कुंभकार के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्र बना हुआ है। वार्ड नं. २० से किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश परमार व कांग्रेस के मेंडेड पर स्वयं दो बार जीतने वाले देवेन्द्र वर्मा व दो बार उनकी पत्नी ज्योति वर्मा ने विजयश्री का वरण किया है। दोनों ही दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वार्ड नं.२२ में भाजपा नगर अध्यक्ष अजय जैन  की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। 

 यहां भी होगी दिलचस्प भिंडंत

वार्ड नं. १- इस वार्ड में कांग्रेस शब्बीर पटेल, भाजपा से धर्मेन्द्र गेहलोत मैदान में है। रीजवाना बी आम आदमी पार्टी, गन्नी भाई, जाकिर खां और जीवन परमार निर्दलीय प्रत्याशी है। 
वार्ड नं. २- इस वार्ड में फिरोज खान कांग्रेस और कमल भाजपा प्रत्याशी है। जबकि सचिन खरे आम आदमी पार्टी से चुनाव लड रहे है। पूर्व पार्षद ओमप्रकाश ओम निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. ३ -इस वार्ड में कांग्रेस से पवन कारपेंटर तो भाजपा से अंकित तोमर प्रत्याशी है। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि विजय  रायकवार, वैभव मंडलोई और अहमद शाह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किला लडायेंगे। 
वार्ड नं. ४- इस वार्ड में कांग्रेस ने सुषमा राजेश कुंछल को मैदान में उतारा है। उनके सामने भाजपा ने पूर्व नपा उपाध्यक्ष सुनीता जगदीश गवली को प्रत्याशी बनाया है। खिमिया बाई गवली व निर्मला गवली निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. ५- इस वार्ड से कांग्रेस ने शबनम रऊफ मुल्तानी जबकि भाजपा ने सलमा बी पति शब्बीर खाँ को प्रत्याशी बनाया है। रेखा बाई संजय कुमार व सलमा बी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. ६- इस वार्ड से कांग्रेस ने ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष निलेश पटेल की पत्नी रीना पटेल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा से हर्षिता गोविंद गुरू को टिकिट दिया गया है। आम आदमी पार्टी से संध्याबाई चुनावी मैदान में है। 
वार्ड नं. ७- इस वार्ड से कांग्रेस ने अमित अजमेरा लाला और भाजपा ने जैकी बिलोनिया को मैदान में उतारा है। इंदरमल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. ८- इस वार्ड में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होगा। यहां भाजपा से भारती अनिल मंडावरा व कांग्रे्रस से ज्योति जगदीशचंद्र शर्मा मैदान में है। 
वार्ड नं. ९- इस वार्ड में ६ प्रत्याशी मैदान में है। कांग्रेस से शमीमउल्ला कुरेशी जबकि भाजपा से आमिर खान मैदान मेें है। यहां पूर्व पार्षद सनाउल्ला खान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड रहे है। निजीबउल्ल हक मुन्ना कुरेशी, नजरूल हसन, तविल खान शेख निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. ११- इस वार्ड में कांग्रेस ऋषा संजय भटनागर, भाजपा से विनीता पति मोहनलाल जैन प्रत्याशी है। पूजा परमार, सीमा देवेन्द्र गोयल, शोभा बाबूलाल परमार  निर्दलीय प्रत्याशी है। 
वार्ड नं. १२- इस वार्ड में कांग्रेस ने कमल जाटव व भाजपा ने राजेश चुन्नीलाल सिसौदिया को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व पार्षद कैलाश परमार, श्रीराम मालवीय निर्दलीय प्रत्याशी है। रंजित ब्रजवंशी आम आदमी पार्टी से चुनावी मैदान में है। 
वार्ड नं. १३- इस वार्ड में भी पांच प्रत्याशी चुनाव समर का हिस्सा बन रहे है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गौरी बसंत भाटिया कांग्रेस प्रत्याशी है। जबकि भाजपा ने रंजना को मैदान में उतारा है। लल्ली पंकज चौहान,मंजूबाला और प्रेमलता सोलंकी निर्दलीय प्रत्याशी है। 
वार्ड नं. १४- इस वार्ड में पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश चौहान भाजपा से तो पूर्व पार्षद सिरोज खान कांग्रेस प्रत्याशी है। जबकि सोनू खान मेव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. १६- इस वार्ड में भी काफी रोचक मुकाबला होगा। भाजपा ने युवा नेता रानूराज नरवाल की पत्नी सपना को टिकिट दिया है। जबकि कांग्रेस ने अनुभवी इंदूबाला बिलरवान को मैदान में उतारा है। अंतरबाई और पूनम नरवाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान मेें है। 
वार्ड नं. १८- इस वार्ड से भाजपा ने कर्मठ कार्यकर्ता गोपाल कुंभकार की पत्नी अनीता कुंभकार को जबकि कांगे्रस ने सलमा बी को टिकिट दिया है। ब्रजरानी वैष्णव और रानी बी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. १९- यहां से कांग्रेस ने रत्नादेवी दुगारिया व भाजपा ने पूनम योगी को मैदान में उतारा है। कांताबाई नरवाल, अमलादिया मंजूबाई, संपतबाई और सीमा तपन सरवारिया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. २१- यहंा से कांग्रेस ने मंजू गवली जबकि भाजपा ने अनुराधा अर्जुन गवली को मैदान में उतारा है। शंकुतला दिलीप गवली, शारदा प्रकाश टेलर, ताराबाई श्यामलाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। 
वार्ड नं. २३- यहां से भाजपा ने पूर्व पार्षद राजू भटोदरा की माताजी सोहनबाई भटोदरा जबकि कांग्रेस ने वर्षा बोराना को टिकिट दिया है। पूर्व पार्षद राजू गवली की पत्नी किरण गवली, कांग्रे्रस के अभिमन्यु कारपेंटर की पत्नी रेणुका व सुनीता जायसवाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है।

Popular posts from this blog

रविवार से लापता युवक का शव मिला:तहकीकात जारी

फिल्मी स्टाईल में सनसनीखेज वारदात:सराफा बाजार में बंदुकधारी बदमाशों ने सब्बल से ताले तोड़े और बोरो में भरकर ले गए जेवरात

सनसनीखेज अंधे कत्ल का पर्दाफाश:प्रेम संबंध के कारण पत्नी के जियाजी को उतारा था मौत के घाट:सुहागरात के दिन ही मृतक ने आरोपी से कहा था उससे दूर रहना