RSS के करीबी, बड़ा OBC चेहरा : डॉ मोहन यादव को MP की जिम्मेदारी देकर सबको चौंकाया

 


मध्य प्रदेश में नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने डॉ. मोहन यादव को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना है। इस महीने की शुरुआत में बीजेपी ने मध्य प्रदेश में 166 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की थी।डॉ मोहन यादव उज्जैन जिले के उज्जैन दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधान सभा के सदस्य हैं। श्री यादव ने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि मेरे जैसे छोटे से कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी दी है। आपके प्यार और सहयोग से मैं अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने का प्रयास करूंगा।

भाजपा के अंदरूनी लोग मोहन यादव को एक अनुभवी राजनेता के रूप में देखते हैं, जो प्रशासनिक जटिलताओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। जैसे ही पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए तैयार हो रही है, ओबीसी नेता को शीर्ष पद पर पदोन्नत करना एक सोची-समझी चाल के रूप में देखा जा सकता है।
भोपाल में भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में 58 वर्षीय डॉ. मोहन यादव को  भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में नामित किया गया। वहीं, विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद इस्तीफा देने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को नया विधानसभा अध्यक्ष नामित किया गया है। निवर्तमान वित्त मंत्री और मल्हारगढ़  के विधायक जगदीश देवड़ा और रीवा से निवर्तमान जनसंपर्क मंत्री विधायक राजेंद्र शुक्ला को उप मुख्यमंत्री चुना गया है।

बैठक के दौरान, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के लक्ष्मण और राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा सहित भाजपा पर्यवेक्षकों ने विजयी विधायकों के नामों पर चर्चा की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा समर्थित डॉ मोहन यादव ने शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा 230 में से 163 सीटें जीतकर सत्ता विरोधी लहर को सफलतापूर्वक हराने के 10 दिन बाद यादव को मुख्यमंत्री  बनाया गया है। भाजपा ने 20 साल में पहली बार बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में कम से कम 14 रैलियां की थीं।


 कौन हैं आपके CM डॉ मोहन यादव



■ पहली बार 2013 में उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक बने थे। उन्होंने 2018 और 2023 में इसी सीट से विधानसभा चुनाव जीता।
■डॉ मोहन यादव 2020 से शिवराज सिंह चौहान की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी थे।
■हाल के 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में, डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार चेतन प्रेमनारायण यादव के खिलाफ 12,941 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
-■डॉ मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को  उज्जैन में हुआ था। उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है।
■ उनकी शादी सीमा यादव से हुई है। उनके दो बेटे और एक बेटी है।
-■डॉ मोहन यादव   बीएससी, एलएलबी, एमए, एमबीए और पीएचडी हैं।
-■ वे 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण और बाद में 2011 से 2013 तक एमपी राज्य पर्यटन विकास निगम जैसे महत्वपूर्ण निकायों की अध्यक्षता करते हुए, अनुभव का खजाना लेकर आए हैं।
■ उनकी राजनीतिक यात्रा 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के साथ जुड़ने से शुरू हुई  वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक प्रभावशाली नेता बन गए ।

कौन है आपके उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा

 


मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से जगदीश देवड़ा विधायक हैं। वह शिवराज सरकार में वित्त मंत्री रहे है जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी फिट हैं। शांत स्वभाव के जगदीश देवड़ा पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही वह विवादों से दूर रहते हैं। उनकी सजगता की वजह से ही वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके हाथों में है। संगठन और सरकार में उनकी अच्छी पकड़ है।
जगदीश देवड़ा का जन्म जुलाई 1957 को हुआ है। वह मूल रूप से नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। एमए के बाद उन्होंने एलएलबी किया है। जगदीश देवड़ा की शादी रेणु देवड़ा से हुई है। राजनीति के साथ-साथ जगदीश देवड़ा वकालत भी करते हैं। उनके दो पुत्र हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं।
वहीं, खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि है। साथ ही एथलेटिक्स चैंपियन रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में उनकी दिलचस्पी थी। 1979 में वह शासकीय महाविद्यालय रामपुरा से छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में सीनेट के सदस्य रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भाजयुमो से जुड़कर सियासी करियर को रफ्तार दी है।
1993 में बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए और विधायक बन गए। इसके बाद विधानसभा में कई समितियों के सदस्य रहे। 2003 में जब चुनाव जीते तो एमपी सरकार में राज्य मंत्री बने। 2008 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद वह कैबिनेट मंत्री बन गए। अभी जगदीश देवड़ा सरकार में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी विभाग के मंत्री हैं। जगदीश देवड़ा संगठन और सरकार के भरोसेमंद चेहरे हैं। इसी के चलते उन्हें  प्रमोट कर उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।


कौन है आपके उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

विंध्य के कद्दावर नेता और रीवा से विधायक राजेंद्र शुक्ला ऐसा करने वाले वे संभवत: पहले विधायक हैं, जिन्होंने जब-जब चुनाव जीता, उन्हें हर बार मंत्री पद मिला। अबकी बार वे उपमुख्यमंत्री बनाए गए है। दिलचस्प बात यह है कि विंध्य के वे ऐसे चेहरा बन गए हैं, जिन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है।
शुक्‍ला पहली बार उमा भारती की सरकार में मंत्री रहे, उसके बाद बाबूलाल गौर सरकार में मंत्री रहे। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में भी मंत्री रहे। वे पहली बार वर्ष 2003, इसके बाद 2008, 2013 और 2023 में मंत्री  के बाद उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। जब उन्हें पहली बार विधायक बनाया गया तो दूसरा चुनाव वे बंपर मतों से जीते थे।
रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ला बड़ा नाम है। साल 2018 में शुक्ला चौथी बार चुनाव तब जीतकर विधानसभा पहुंचे, जबकि भाजपा प्रदेश में चुनाव हार गई थी। राजेंद्र शुक्ल 2003 में पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। तब से लगातार अपराजेय हैं। 2018 में जब भाजपा ने सत्ता गंवा दी थी, तब भी भाजपा को विंध्य क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली थी। रीवा जिले की सभी आठों विधानसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवार चुनाव जीते थे। राजेन्द्र शुक्ला की छवि 'रीवा के विकास पुरुष' के तौर पर है। 
■2003 : राजेंद्र शुक्ला पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। उन्हें आवास और पर्यावरण के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था।
■2013 : वह मध्य प्रदेश की 14 वीं विधान सभा के लिए चुने गए। उन्होंने उद्योग नीति और निवेश संवर्धन पर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। वे जनसंपर्क मंत्री भी रहे। मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष चुने गए।
■2018 : चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बन सकी।
■2020 : मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई। भाजपा ने सरकार बनाई,  2023 में राजेंद्र शुक्ला को फिर मंत्री बनाया गया है।
■2023:भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी और शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।

■2008 : उन्हें रीवा निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार मध्य प्रदेश विधानसभा में चुना गया था। वह मध्य प्रदेश राज्य सरकार में ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बने।

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