खाद्य लाइसेंस के नवीनीकरण करवाकर असुविधा से बचे

आगर-मालवा- सभी खाद्य कारोबारी अपनी दुकान का खाद्य लाइसेंस पंजीयन देख कर ये सुनिश्चित कर ले कि उनकी दुकान का खाद्य लाइसेंस पंजीयन वैध है। अधिकांश दुकानदारों ने अपने खाद्य लाइसेंस जनवरी 2015 में बनाये है, ये सभी लाइसेंस पांच साल हो जाने से खत्म होने वाले है, इसलिए जल्द से जल्द अपने खाद्य लाइसेंस का नवीनीकरण करवाकर असुविधा से बचे। 
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य लाइसेंस की वैधता 15 फरवरी 2020 है तो 30 दिन पूर्व यानि 16 जनवरी 2020 तक अनिवार्य रूप से नवीनीकरण करना होगा अन्यथा 100 रुपये प्रति दिन के हिसाब से विलंब शुल्क देना होगा। इसलिए खाद्य लायसेंसधारी अपने लाइसेंस का जल्द से जल्द नवीनीकरण करवाना सुनिश्चित कर ले।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम की धारा 31 के अनुसार खाद्य सामग्री के सभी प्रकार के निर्माता, पैकर ,परिवहन कर्ता, संग्रहण कर्ता गोडाउन संचालक, थोक एव खेरची विक्रेता, सप्लायर, कमीशन एजेंट, मंडी व्यापारी, मदिरा मांस विक्रेता, राशन दुकान संचालक, वेयर हाउस ,गोडाउन धारक, मध्यान्ह भोजन एव आंगनवाड़ी में खाना बनाने वाले स्व सहायता समूह, कैंटीन एवं होस्टल, आश्रम,अस्पताल जैसी सभी शासकीय संस्थान में खाना सप्लाई करने वाले ठेकेदार, कैटर्स को भी अपने वार्षिक टर्न ओवर अनुसार लाइसेंस अथवा पंजीयन लेना अनिवार्य है। 12 लाख से नीचे वार्षिक टर्न ओवर वाले दुकान दार को पंजीयन तथा 12 लाख से अधिक वार्षिक टर्न ओवर वाले दुकान दार को लाइसेंस लेना होगा। चाहे खाद्य कारोबारी शासकीय संस्था हो या अशासकीय । उक्त खाद्य लाइसेंस की कॉपी एवं खाद्य सुरक्षा डिस्प्ले बोर्ड, जिसमे ग्राहक के लिये हेल्पलाइन नंबर 9868686868 भी अंकित हो। दुकान पर ऐसे स्थान पर अनिवार्य रूप से लगाना होगा, जंहा से ग्राहक को स्पष्ट दिखाई दे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा ऐसे खाद्य कारोबारी की दुकान का निरीक्षण करने पर खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने पर बिना खाद्य लाइसेंस व्यापार के लिए प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। ऐसी स्थति में सक्षम न्यायालय द्वारा खाद्य सुरक्षा एवम मानक अधिनियम के अंतर्गत कम से कम 6 माह की सजा एवम 5 लाख तक जुर्माना किये जाने का प्रावधान है।