तिरूपति बालाजी कंस्ट्रक्शन  स्टोन क्रेशर मशीन बंद करने हेतु एसडीएम ने जारी किए प्रारंभिक आदेश 

आगर-मालवा- अनुविभागीय दण्डाधिकारी महेन्द्र सिंह कवचे ने तिरूपति बालाजी कंस्ट्रक्शन के प्रो.चन्द्रशेखर वर्मा को प्रारंभिक आदेश  जारी कर कस्बा छावनी आगर की भूमि सर्वे क्रमांक 418 रकबा 4.80 हे. व 22 रकबा 2.00 हे. कुल किता 2 रकबा6.80 हैक्टर शासन द्वारा पत्थर उत्खनन हेतु लीज पर दी गई भूमि पर गिट्टी चूरी निर्माण हेतु स्थापित स्टोन क्रेशर मशीन को चलाना बंद कर देने या उक्त स्थान से हटाये जाने के लिए प्रारंभिक आदेश जारी किया गया है।  


 


जारी आदेशानुसार अनावेदक द्वारा पत्थर उत्खनन हेतु लीज पर दी गई भूमि पर स्टोन क्रेशर मशीन स्थापित कर गिट्टी चूरी का निर्माण किए जाने हेतु उत्खनन में विस्फोटक का उपयोग कर ब्लास्टिंग करते समय पत्थर उड़कर सड़क और आस-पास के किसानों की भूमि पर गिरते है, जिससे आसपास चरने वाले पशु एवं आम रहगीरों को चोंट लगने का भय रहता है तथा जन एवं पशु को हानि होती है। पत्थर उत्खनन व ब्लास्टिंग के कारण ही पूर्व में मोलाअली टेंकरी पर निर्मित भवन क्षतिग्रस्त हुआ जो वर्षाकाल में ढह गया, परिणाम स्वरूप तीन लोगों की मृृत्यु हो गई थी। साथ ही विस्फोट से निकट स्थित तुलजा सरोवर तालाब फूट गया तथा किसानों की फसले नष्ट हो गई थी व पशुधन की हानि हुई थी। गिट्टी, चूरी एवं रेती के निर्माण से भारी मात्र में धुल उडती है और पर्यावरण दूषित होकर वायु प्रदूषण हो रहा है। पत्थर की उड़ने वाली धूल से आमजनता व पास की सड़क के राहगीरों व पशुओं का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, आसपास के कृृषकों की फसले खराब होकर पर्यावरण दूषित होने के कारण लोक न्यूसेस उत्पन्न हो रहा है। जो लोक स्वास्थ्य या सुख के लिए, विधि विरूद्ध है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 133 के तहत अनावेदक को प्रारंभिक आदेश जारी कर उक्त व्यापार एवं अजीविका को आगामी आदेश से पूर्व चलाना बंद कर देने या उक्त स्थान से हटा देने के निर्देश दिए गए है।  साथ ही 5 फरवरी 2020 को प्रातः 11 बजे न्यायालय में स्वयं या वैध प्रतिनिधि के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। विधिवत सूचना उपरान्त अनुपस्थित रहने पर प्रकरण में एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।