देवी अहिल्याबाई द्वारा निर्मित मोरूखेडी के शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर होंगे धार्मिक आयोजन

सुसनेर। नगर से करीब 7 किलोमीटर दूर  ग्राम मोरूखेडी में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर  है। धर्मस्व विभाग के अधिन अतिप्राचीन इस मंदिर की स्थापना इन्दौर रियासत की महारानी देवी आहिल्याबाई ने की थी। यहां कई स्थानों से भक्त दर्शन के आते है। इसके चलते यह मंदिर श्रद्धालुओ की आस्था का केन्द्र बना हुआ है। इन दिनो इस मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर तैयारीयां की जा रही है। 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर सुबह महारूद्राभिषेक, दिन में भजन कीर्तन तो शाम को आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह पिकनिक स्पाट भी बना हुआ है। 


18 लाख की लागत से हुआ है मंदिर का जीर्णोद्धार


देवी अहिल्याबाई द्वारा स्थापित इस मंदिर का जीर्णोद्धार पूर्व विधायक संतोष जोशी के प्रयासो से हुआ था। पर्यटन विभाग ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 18 लाख की राशि स्वीकृत की थी। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर ने एक नया रूप ले लिया है। मंदिर में धर्मशाला का निर्माण भी कराया गया है। जहा श्रृद्धालु अपने परिवार के साथ पिकनीक जैसे आयोजन भी करते है।


15 सालो से दे रहे है मंदिर में निशुल्क सेवा


अतिप्राचीन इस मंदिर में ग्राम आकली ओर लटुरी गुर्जर के मोहनलाल, चार व्यक्तियो द्वारा विगत 15 वर्षो से निशुल्क सेवा दी जा रही है। वे मंदिर में आने जाने वाले श्रृद्धालुओ के ठरहने ओर भोजन पानी की सेवा में सहायता करते है। वही मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा भी इन्होने ले रखा है। 


आस्था जगाने वाले गुरूजी की लगी है प्रतिमा


इस मंदिर के प्रति क्षेत्रवासीयो में आस्था जगाने वाले गुरूजी चतुर्भुज दीक्षित की प्रतिमा मंदिर परिसर में लगी हुई है। 1992 में गुरूजी का मंदिर में आगमन हुआ था। उस समय मंदिर जीर्णशीर्ण हालत में था। गुरूजी ने आसपास के सभी गांवो में भ्रमण कर मंदिर के प्रति गहरी आस्था जगाई।