मनकामनेश्वर में हुआ शिव पार्वती विवाह,निहारने पहुंचे श्रृद्धालु

सुसनेर। हर- हर महादेव के जयघौष और तालियों की गूंज के बीच सिर पर लम्बी जटाएं, माथे पर भस्म का तिलक और हाथों में त्रिशूल उठाए, दुल्हा बन- जब भौलेनाथ झिलमिलाती आतिशबाजीयों और ढौल ढमाके के साथ पार्वतीजी को बिहाने के लिए शिव बारात लेकर मनकामनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। तो पूरा परिसर शिवमय हो गया। उधर मंदिर में समिति के द्वारा महादेव-पार्वतीजी को दुल्हा-दुल्हन के सजाया गया। 
मंदिर में शिव बारात का इंतजार कर रहे श्रृद्धालुओं ने पलक पावडे बिछाकर पुष्पवर्षा से स्वागत किया। हल्दी की रस्म भी मंदिर में श्रद्धालुओं के द्वारा पूरी की गइ्र। परिसर में जैसे ही शिव पार्वती के विवाह की बेला आई तो श्रृद्धालु उत्साहित हो उठे जैसे ही शिवजी ने पार्वतीजी को वर माला पहनाई तो तालियो कि गडगडाहट और हर- हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा। केलाशवासी भगवान भोले के ब्याह के साक्षी बनने के लिए शहरवासीयों के साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधी भी शिव-बारात में शामिल हुएं। शुक्रवार को महाशिवरात्रि के दिन आस्था से सराबोर यह नजारा दर्शनीय रहा। शिव बारात की शुरूआत ढोल-ढमाके के साथ स्थानीय रेस्ट हाऊस से की गई। जिसका समापन मनकामनेश्वर मंदिर में किया गया। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी राकेश बिकुन्दिया ने दी।