पीने के पानी को तरस रहे अस्पताल में आने वाले मरीज 


सुसनेर। स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को पीने का पानी नसीब नही हो रहा है।वही इलाज के लिए लम्बी लाइन में घंटो परेशान होना पड रहा है। जगह-जगह गदंगी का आलम है तो डॉक्टरो की कमी भी। कुछ ऐसे ही हालात इन दिनो सुसनेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बने हुएं है। तो वही वाटर कूलर बंद होने के कारण मरीजों को होटलो पर से टीफीन और बांटलो में पानी लाना पड रहा है। इस अस्पताल में परेशान होने वाली हर समस्या की लाइन तस्वीरें खुद इस अस्पताल की अव्यवस्थआें को बता रही है।
इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को बीते दिनो भले ही शासन ने सिविल में उन्ननयन की घोषणा कर दी हो, किन्तु अस्पताल में मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलना तो दूर पीने के पानी जैसी सुविधा भी नहीं मिल रही है। एक और तो अस्पताल के भर्ती वार्ड में पहले से कबाड की सामग्री को भर कर ताला लगा दिया गया है तो इस वजह से पुरूष वार्ड के फूल होने के साथ ही बरामदें में भी मरीजों को बांटले चढाई जा रही है। इस सम्बंध में एसडीएम मनीष जैन का कहना है कि 25 फरवरी को वे जिला चिकित्सा अधिकारी के साथ स्वास्थ्य विभाग और रोगी कल्याण समिति की बैठक लेकर के सुविधाओं में सुधार करने का प्रयास करेंगे। 
प्रसुति वार्ड में महिलाओं को सबसे ज्यादा होती है परेशानी 
इस स्वास्थ्य केन्द्र में सबसे ज्यादा परेशानियो का सामना महिला अस्पताल में भर्ती प्रसुताओ और उनके परिजनों को करना पड़ रहा है। प्रसुति वार्ड में प्रसुतओं को भर्ती किया जाता है, उस वार्ड में पानी के लिए न तो वाटर कूलर लगे है और ना ही अन्य कोई व्यवस्था की है। इस वार्ड में पानी नहीं होने से परिजनों पानी लेने के लिए बाहर जाना पडता है। बार बार यहा पानी के लिए चक्कर काट काटकर मरीज और परिजन तंग आ चुके है। यहा पानी की व्यवस्था बनाने के लिए जब भी जिम्मेदारों को कहा जाता है तो रूखा जवाब लोगो को झेलना पडता है। कई बार तो मरीजो और परिजनो को डॉक्टर व स्टाफ के लोग फटकार तक लगा देते है।


 टंकी का दूषित पानी पीने को मजबूर
अस्पताल परिसर में मुख्य द्वार पर रखी नगर परिषद की पेयजल टंकी जिसकी सफाई वर्षो से नही की गई है, यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को मजबूर होकर इसका खराब पानी पीना पड रहा है या फिर घर से पानी लाना पड रहा है। इस जगह की जो स्थिति है उससे यहॉ लिखा होना चाहिए कि यह पानी गंदा है किन्तु अस्पताल प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आ रही है। 
पानी की व्यवस्था के लिए जल्द ही दो वाटर कूलर लगवाए जा रहे है। हेन्डपंप खराब है उसे सुधारा जाएगा। मरीजो को साफ पानी मिले इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। 
                                              डॉ कुलदीप सिंह राठौर 
                                                        बीएमओ सुसनेर  
25 फरवरी को जिला सीएमएचओं सुसनेर आएंगे साथ मैं स्वयं भी अस्पताल का निरीक्षण करूुगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग व रोगी कल्याण समिति की बैठक लेकर के सुविधाओं में सुधार के प्रयास किये जाएंगे।
                                           मनीष जैन
                                                                                                                         एसडीएम, सुसनेर