पुष्पक कालोनी में चल रही कथा मे हुआ रूक्मणी विवाह,कल पूर्णाहुति के साथ होगा समापन

सुसनेर। उसका पता है जिसको, तुम उसका पता करो, मिल जाए अगर जो तुमको तो उसका पीछा करो, क्यों कि बगैर गुरू के आपको भगवान नहीं मिल सकते। यह बात कथा में भजन के माध्यम से कथावाचक पंडित सच्चिदानंद शर्मा ने श्रद्धालुओं को बताई। उन्होने कहां कि प्रभु के मिलन का मार्ग केवल गुरू की प्रशस्त्र कर सकता है।


नगर के आगर रोड स्थित पुष्पक कालोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में छठे दिन शनिवार को पंडित सच्चिदानंद शर्मा ने रूकमणी विवाह की कथा का वर्णन किया। पंडित शर्मा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के गुणों और उनकी सुंदरता पर मुग्ध होकर रूकमणी ने मन ही मन निश्चित किया कि वह श्रीकृष्ण को छोड़कर किसी को भी पति रूप में वरण नहीं करेगी। उधर, भगवान श्रीकृष्ण को भी इस बात का पता हो चुका था कि विदर्भ नरेश भीष्म की पुत्री रूकमणी परम रूपवती तो है ही, परम सुलक्षणा भी है। भीष्म का बड़ा पुत्र रुक्मणी भगवान श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। वह बहन रूकमणी का विवाह शिशुपाल से करना चाहता था। रुकमणी को जब इस बात का पता लगाए तो वह बड़ी दुखी हुई। उसने अपना निश्चय प्रकट करने के लिए एक ब्राह्मण को द्वारिका श्रीकृष्ण के पास भेजा और संदेश दिया कि हे नंद-नंदन आपको ही पति रूप में वरण किया हैं। मैं आपको छोड़कर किसी अन्य पुरुष के साथ विवाह नहीं कर सकती। मेरे पिता मेरी इच्छा के विरुद्ध मेरा विवाह शिशुपाल के साथ करना चाहते हैं। विवाह की तिथि भी निश्चित हो गई हैं। मेरे कुल की रीति है कि विवाह के पूर्व होने वाली वधु को नगर के बाहर गिरिजा का दर्शन करने के लिए जाना पड़ता हैं। मैं भी विवाह के वस्त्रों में सज-धजकर दर्शन करने के लिए गिरजा के मंदिर में जाऊंगी। मैं चाहती हूं, आप गिरिजा मंदिर में पहुंचकर मुझे पत्नि रूप में स्वीकार करे।


यदि आप नहीं पहुंचेंगे तो मैं अपने प्राणो का परित्याग कर दूंगी। रुकमणी का संदेश पाकर भगवान श्री कृष्ण रथ पर सवार होकर शीघ्र ही कुण्डिनपुर की ओर चल दिए। इसके बाद श्रीकृष्ण ने रुकमणी के साथ विवाह किया। विभिन्न प्रकार के विवाह का महत्व भी कथा के दौरान बताया गया। बडी संख्या में श्रद्धालुओ ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया। कथ का समापन आज पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा।


Popular posts
कोरोना से कब मिलेगी पृथ्वी को निजात.... 👏👏👏 ब्यावर के एस्ट्रोलॉजर दिलीप नाहटा की भविष्यवाणी .... गुरु हस्ती कृपा से ग्रहों के अनुसार पृथ्वी पर आने वाले अगले लगभग 175 दिनों तक यानी 23 सितंबर 2020 तक विश्व के कई देशों में कोरोना जैसे वायरस या अन्य तरह के कई वायरसों से या प्राकृतिक आपदाओं से या युद्ध से तबाही होने के संकेत परंतु भारत को आने वाले लगभग 90 दिनों तक बेहद संभलकर चलने की जरूरत यानी लगभग 06 जुलाई 2020 तक भारत इस वायरस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने में हो जाएगा कामयाब , इसके अलावा 29 अप्रैल 2020 को पृथ्वी के पास से गुजरने वाले एस्टरॉयड से नहीं होगा दुनिया का अंत , कहते हैं ब्रह्मांड में कोई ईश्वरीय शक्ति मौजूद है , यदि नाहटा के बताए गए मंत्रों को पूरे भारतवासी कर गए तो नाहटा का मानना है कि जल्दी ही आज से 40 दिनों के भीतर यानी 14 मई 2020 तक भारत इस वायरस पर काबू पाने में सफल हो जाएगा और इन मंत्रों को करने वालों को यह वायरस छू भी नहीं सकेगा , इसके अलावा देश सेवा हेतु लोक कल्याण की भावना के उद्देश्य से नाहटा पूरे देशभर की जनता को हिम्मत देने हेतु यानी देशभर की जनता का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से 06 अप्रैल 2020 से ज्योतिष के माध्यम से नाहटा बिल्कुल निशुल्क रूप से प्रतिदिन लोक डाउन तक देशभर की जनता के द्वारा पूछे गए दो सवालों का जवाब देंगे एवं नाहटा ने भारत सरकार को दिए सात नए सुझाव , इस एप्स में जानिए पूरी डिटेल्स .....
Image
Prediction of Beawar's Astrologer Dilip Nahta on 04 May
Image
आगर पुलिस को मिली बड़ी सफलता:चार पहिया वाहन चोर गिरोह पकड़ाया:यूपी में बेचते थे चोरी की गाड़िया
Image
धरती पर अब एक नया हीरो आ गया है और आपको हीरो के बारे में यह चीज़ें ज़रूर जाननी चाहिए
Image
काटेलाल एंड संस’ की जिया शंकर ने कहा, फैशन रोजमर्रा की जिन्दरगी की हकीकत से बचने का एक हथियार है
Image