भाजपा के हुवे महाराज, आज ली भाजपा की सदस्यता

प्रदेश की राजनीति के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।कल से ही इस बात के कयास लगाये जा रहे थे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी मुख्यालय में सदस्यता ली।कांग्रेस में कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के दिन कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी।भारतीय जनता पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है।
भजपा की सदस्या लेने के बाद  सिंधिया ने कहा कि मेरे जीवन मे सिर्फ दो दिन बड़े है।20 सितम्बर 2001 में पिताजी को खोया, तब मेरा जीवन बदल गया।
10 मार्च 2020 को 75 वी वर्षगाँठ थी।तब फिर मेने निर्णय लिया।हमारा लक्ष्य भारत की सेवा होना चाहिए। 18 -19 साल मेने प्राण प्रण से देश सेवा की। कांग्रेस में मन दुखी और व्यथित हुआ। जनसेवा का लक्ष्य कांग्रेस से पूरा नही हो पा रहा था। जो पहले थी वो कांग्रेस आज नही रही।वास्तविकता से इन्कार किया जाता रहा है  सही मान्यता नही मिल पा रही।मेरे गृह राज्य मप्र में मेने सपने देखे ,वे सपने पूरे बिखर गए।किसानो का कर्ज माफ नही हुआ,ओला वृष्टि की भरपाई नही हुई। किसान ओर नोजवान बेबस है। सत्य पथ पर चलने के लिए मेने भाजपा जॉइन की है।में सौभाग्यशाली हु। जनादेश जो किसी को नही मिला वो मोदी को मिला। सक्रिय समर्पित है मोदी। देश का नाम विश्वश्तर पर बढ़ाया है उन्होंने।भविष्य की चुनोती को परखा है उन्होंने, देश उनके हाथ मे सुरक्षित है। एमपी में रेत माफिया सक्रिय है।ट्रांसफर उधोग चल रहा है।
उनके पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा की
 ज्योतिरादित्य सिंधियाजी का भाजपा परिवार हार्दिक स्वागत है। वे जनसंघ की जनक रहीं राजमाता विजयाराजे सिंधियाजी के पोते हैं और उनके भाजपा में आने को मैं घर वापसी मानता हूँ।सिंधियाजी यहाँ ज्यादा बेहतर ढंग से सम्मान के साथ जनसेवा कर सकेंगे, ये मेरा विश्वास है।