भाजपा के गढ़ में कांग्रेस ने लगाई सेंध:1998 के बाद विपिन वानखेड़े 1998 मतों से जीते

आगर मालवा(सत्यनारायण शर्मा) सन 1998 में आखरी बार कांग्रेस ने आगर सीट पर जीत का स्वाद चखा था। करीब 17 वर्ष बाद कांग्रेस ने विजयश्री का वरण किया है। इस सीट पर 2003 से लगातार भाजपा जीत रही थी।इस बार विधायक मनोहर ऊँटवाल के निधन के कारण रिक्त हुई इस सीट पर भाजपा ने उनके पुत्र मनोज ऊँटवाल को मैदान में उतारा था।


भाजपा का अभेद किला कहे जाने वाले मालवा क्षेत्र की आगर सीट भी पार्टी के लिए अजेय रही है।2018 के चुनाव में मनोहर ऊँटवाल के हाथों 2490 मतों से हारने के बाद भी विपिन वानखेड़े ने आगर नही छोड़ी।वे मतदातओं से लगातार संपर्क में रहे और नतीजा आज सबके सामने है।


आज संपन्न मतगणना के दौरान 24 राउंड में कांग्रेस के विपिन वानखेड़े को कुल 88,454 मत मिले जबकि मनोज ऊँटवाल को 86507 मत प्राप्त हुवे। इस तरह 1947 मत की बढ़त के अलावा 51 डाक मतपत्र जोड़कर जीत का आंकड़ा 1998 हो गया।आगर सीट से 1998 में कांग्रेस के टिकिट पर रामलाल मालवीय विजय हुवे थे। इस तरह करीब 17 वर्ष बाद कांग्रेस भाजपा के इस गढ़ को भेदने सफल रही। 2003 से यह सीट भाजपा के कब्जे में है। 2003 में रेखा रत्नाकर, 2008 में लालजी राम मालवीय,2013 में मनोहर ऊँटवाल,2014 के उपचुनाव में गोपाल परमार व 2018 के चुनाव में पुनः मनोहर ऊँटवाल भाजपा से विजय हुवे थे।