चिंता न करे भारत मे नही दिखाई देगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण
ाल का अंतिम सूर्य ग्रहण १४ दिसंबर को होने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण खंडग्रास होगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। इसकी वजह से भारत में ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इस खगोलीय घटना को यूरोप, आस्ट्रेलिया, एशिया का कुछ हिस्सों, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, साउथ अफ्रीका, अटलांटिक, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। वैदिक ज्योतिषीय के अनुसार, सूर्य ग्रहण की घटना वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में होने जा रही है। ज्योतिषों ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण १४ दिसंबर को शाम सात बजकर तीन मिनट पर शुरू होकर १५ दिसंबर की रात १२ बजकर २३ मिनट तक चलेगा। ग्रहण का सूतक १२ घंटे पूर्व सुबह सात बजकर तीन मिनट से लग जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान गुरु चंडाल योग भी बन रहा है। वहीं, राहु की दृष्टि देवगुरु बृहस्पति पर पड़ रही है। ऐसे में जिन लोगों की जन्म कुंडली में गुरु-चंडाल योग है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही वृश्चिक राशि के जातकों को भी सतर्क रहना चाहिए। सूर्य ग्रहण और ग्रहों की स्थिति के कारण दिसंबर से अप्रैल तक देश-दुनिया में उथल-पुथल की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, वैश्विक समस्या में कमी आएगी तथा ग्रहण से हृदय रोग, रक्तचाप इत्यादि बीमारियां होंगी।