यस बैंक और व्‍हील्सईएमआई के बीच टू-व्‍हीलर लोन्‍स के लिए को-लेंडिंग करार हुआ

 


मुंबई, 24 अगस्त, 2021: येस बैंक और व्‍हील्‍स ईएमआई प्राइवेट लिमिटेड ने प्रतिस्‍पर्द्धी ब्‍याज दरों पर दोपहिया वाहनों के लिए ऋण उपलब्‍ध कराने हेतु आपस में महत्‍वपूर्ण को-लेंडिंग करार किया है। इस साझेदारी का उद्देश्‍य अपनी-अपनी क्षमताओं को उपयोग में लाते हुए पूरे भारत में दोपहिया वाहन खरीदारों को निर्बाध ऋण अनुभव प्रदान करना है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित सह-उधार ढांचा एक सहयोग उपकरण प्रदान करता है जो बैंक की कम लागत वाली निधियों और एनबीएफसी की सोर्सिंग एवं सर्विसिंग विशेषज्ञता से लाभान्वित होता है। यह गठबंधन दोनों उधारदाताओं की ताकत का लाभ उठायेगा और इससे सभी शेयरधारकों का हित होगा और इस प्रकार, कम सेवा वाले बाजारों तक इसकी पहुंच का विस्तार होगा। 

व्हील्सईएमआई, टू-व्हीलर ओनरशिप-राइडरशिप लाइफसाइकिल के साथ किफायती समाधानों की एक श्रृंखला प्रदान करता है, जो कामकाजी परिवारों के लिए किफायती है। इनमें नए और पुराने दोपहिया वाहनों का वित्तपोषण, इलेक्ट्रिक बाइक तक पहुंच, बीमा, सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स प्रबंधन और पुराने दोपहिया वाहनों के लिए एक पारदर्शी बाजार शामिल हैं। व्हील्सईएमआई अपने अनूठे मॉडल के माध्यम से गहरे भौगोलिक क्षेत्रों में ग्राहकों को वित्तपोषित करने में माहिर है, जो ग्राहकों के कम प्रतिनिधित्व वाले सेगमेंट में गतिशीलता को सक्षम करते हुए शहरी और ग्रामीण भौगोलिक क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई को पाटता है।

इस व्यवस्था के तहत, दोनों ऋणदाताओं ने पहले चरण में 1 लाख से अधिक दोपहिया वाहनों को वित्तपोषित करने की योजना बनाई है।

यस बैंक के रिटेल बैंकिंग के ग्लोबल हेड राजन पेंटल ने कहा, “हम व्हील्सईएमआई के साथ साझेदारी करके खुश हैं। यह व्यवस्था बैंक को नए बाजारों में प्रवेश करने और अपनी उपस्थिति को गहरा करने के द्वारा अपनी पहुंच बढ़ाने में सक्षम बनाएगी। हम अर्धशहरी और ग्रामीण बाजारों में व्हील्स ईएमआई की ताकत का लाभ उठाने और इस साझेदारी के माध्यम से एक लाभदायक और टिकाऊ दोपहिया ऋण पोर्टफोलियो बनाने के लिए तत्पर हैं।”

श्रीनिवास कांथेती, एमडी और सीईओ, व्हील्सईएमआई ने कहा, “दोपहिया वाहनों में भारी व्‍हाइट स्‍पेस है, और हम यस बैंक के साथ साझेदारी करने के लिए उत्साहित हैं। यह साझेदारी हमारे निवेश का लाभ उठाएगी, बैंक के लिए एक गुणवत्तापूर्ण पुस्तक का निर्माण करते हुए हमारी पहुंच को बढ़ाएगी।"