आगर मालवा इतिहास पुस्तक का विमोचन सम्पन्न

 

झालावाड़, निप्र।  झालावाड़ के इतिहासकार ललित शर्मा द्वारा लिखित एवं शुजालपुर मालवा की डॉ. वर्षा नालमे द्वारा सम्पादित सचित्र पुस्तक ''आगर मालवा जिला-इतिहास और पर्यटन का विमोचन गत दिनों उज्जैन के मनोविकास विशेष शिक्षा महाविद्यालय में सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि कला इतिहासकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि यह कृति मालवा और राजस्थान के अनेक इतिहास पक्ष को उद्घाटित करने वाली है क्योंकि यह जिला उक्त दोनो प्रदेशों के मिलन पर स्थित है। ऐसे ही क्षेत्रीय कार्यो से प्रदेश का समग्र सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व उद्घाटित होता है। अध्यक्ष फादर टॉम जार्ज ने कहा कि क्षेत्रीय इतिहास की ऐसी पुस्तक हर जिले के लिये लिखा जाना आवश्यक है, जिससे प्रत्येक जिले की सम्पूर्ण पर्यटन जानकारी का ज्ञान हो सके। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रेम छाबड़ा ने कहा कि आज के दौर में ऐसी पुस्तक से नवीन पीढ़ी को जोडऩा आवश्यक है ताकि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर के महत्व को जान सके। विशिष्ट अतिथि सेठ अमित कासलीवाल ने कहा कि इस पुस्तक की सरसता उत्तम स्तर की है क्योंकि इसमें अनेक स्थलों का वर्णन जीवन्त भाव से संचित किया गया है। विशिष्ट अतिथि पत्रकार दिशा अविनाश शर्मा ने कहा कि प्रस्तुत कृति मालवा के सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण सौपान है जिसे आधार बना कर भविष्य में राजस्थान और मालवा के मध्यकालीन इतिहास पर शोध की जा सकती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. भावना व्यास ने कहा कि आगर जिले की कृति पुरातत्व के साथ इस क्षेत्र के प्रत्येक सांस्कृतिक पक्ष को उद्घाटित करती है जो शोध के लिये अति महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर लेखक ललित शर्मा ने पुस्तक की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह में अतिथियों ने पुरातत्व योगदान हेतु डॉ. शशि अहिरवार एवं डॉ. अरविन्द कुमार जैन को शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह प्रदत्त कर एवं ओपरना पहनाकर सम्मानित किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. अंजना सिंह गौर, डॉ. प्रीति पाण्डे, बंशीधर बन्धु, डॉ. मंजू यादव, अंशु गर्ग, श्वेता पाठक ने किया। समारोह का संचालन डॉ. वर्षा नालमे ने किया एवं आभार गायत्री शर्मा ने माना। समारोह पश्चात् सभी गणमान्य लोगों एवं विद्वानों को उज्जैन के जैन पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण करवा कर वहां के पुरातत्व कला के ग्रन्थ भेंट किये गये।